डिकॉय ऑपरेशन : लिंग जांच के दो मामलों में कार्यवाही, महिला कर्मचारी, दलाल व कथित डॉक्टर शिकंजे में

– राज्य पीसीपीएनडीटी सेल ने झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर एक साथ की दो बड़ी कार्यवाही

अर्थ न्यूज @ नेटवर्क झुंझुनूं


जिले में राज्य पीसीपीएनडीटी सेल की ओर से दो जगह डिकॉय ऑपरेशन कर एक तथाकथित डॉक्टर, रिशेप्सनिस्ट एवं दलाल सहित तीन जनों को गिरफ्तार किया है।
स्वास्थ्य विभाग के मिशन निदेशक नवीन जैन ने बताया कि बीते कई माह से दो अलग-अलग जगह लिंग जांच करने की सूचनाएं मिल रही थी। जिसका सत्यापन कराने के बाद सोमवार को कार्यवाही की गई।

ऐसे किया पहला डिकॉय ऑपरेशन

टीम की ओर से गर्भवती व सहयोगी को लिंग जांच करने के लिए सीकर जिले के दांतारामगढ़ तहसील के मुंडियावास निवासी तथाकथित डॉक्टर श्रवण जाट ने झुंझुनूं में आकर लिंग जांच करने की बात कही। जिस पर गर्भवती व सहयोगी महिला तथाकथित डॉक्टर श्रवण जाट के साथ एक मकान पर गई। जहां उसने मशीन (बच्चों का लेपटॉप) के माध्यम से गर्भवती महिला की लिंग जांच कर 20 हजार रुपए लिए। लिंग जांच की रिपोर्ट बताने पर इशारा मिलते ही टीम ने मकान पर दबिश दी और लिंग जांच में उपयुक्त सामग्री को जब्त कर लिया। टीम की ओर से दी गई राशि हुबहु बरामद किए गए।

 दूसरा डिकॉय ऑपरेशन जिला मुख्यालय पर

इसी तरह झुंझुनूं जिला मुख्यालय पर स्थित राजस्थानी सोनाग्राफी एवं डायगोनिस्ट सेंटर पर सोनासर निवासी दलाल कुलदीप की ओर से गर्भवती व सहयोगी को अपने साथ ले जाकर लिंग जांच करने के लिए तीस हजार रुपए लिए। सोनाग्राफी सेंटर पर 600 रुपए जमा करवाकर सामान्य सोनाग्राफी करवाने की संपूर्ण कार्यवाही सेंटर की ओर से की गई। सोनाग्राफी होने के कुछ देर बाद गर्भवती व सहयोगी व्यक्ति को दलाल कुलदीप ने लिंग जांच के नतीजे की जानकारी दी। टीम ने इशारा मिलते ही दबिश देकर कार्यवाही की। जिसमें सेंटर पर कार्यरत रिशेप्सनिस्ट नवीता कुमारी द्वारा लिंग जांच की सूचना दलाल कुलदीप को दी गई थी। टीम द्वारा हुबहु नोट बरामद किए गए। टीम ने सोनाग्राफी सेंटर पर कार्यवाही करते हुए सोनाग्राफी कक्ष को सील कर दिया। साथ ही आवश्यक दस्तावेज जब्त कर लिए।

यह रहे टीम में शामिल

टीम में सीआई उमेश निठारवाल, उप निरीक्षक विक्रम सेवावत, बीकानेर पीसीपीएनडीटी समन्वयक महेंद्रसिंह चारण, सीकर से नंदलाल पूनिया, सिपाही महेश कुमार व देवेंद्रसिंह, महिला एवं बाल विकास विभाग से विप्लव न्योला, आशा समन्वयक संजीव महला, सामाजिक कार्यकर्ता विकास राहड़ मौजूद रहे। वहीं झुंझुनूं जिला कलेक्टर प्रदीप बोराड़ द्वारा भेजी गई टीम ने भी कार्रवाही में बेहतर सहयोग प्रदान किया। दोनों प्रकरणों में पुलिस थाना पीबीआई जयपुर में पीसीपीएनडीटी एक्ट व आईपीसी की विभिन्न धाराओं मे मुकदमा दर्ज करवाया गया हैं।

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