ट्रम्प बने राष्ट्रपति, जानिए भारत पर क्या होगा असर और पाक के लिए कितना है खतरा

रिपब्लिकन उम्मीदवार ट्रंप ने हिलेरी को करारी शिकस्त दी है। ट्रंप को जहां 276 इलेक्टोरल वोट वहीं हिलेरी को 218 वोट हासिल हुए। इस तरह ट्रंप अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति बन गए हैं। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप के समर्थक बेहद जोश में दिखाई दिए। समर्थक शलभ कुमार ने कहा कि ओहियो, नॉर्थ कैरोलिना और फ्लोरिडा में हम कामयाब हो रहे हैं, उम्मीद है कि अब की बार ट्रंप की सरकार बनेगी। ट्रंप के एक समर्थक ने कहा कि उनकी जीत से अमेरिका और मजबूत होगा। वो न केवल अमेरिका को महान बनाएंगे बल्कि रोजगार के अवसर पर भी प्रदान करेंगे। यूएस में राष्ट्रपति बनने को निर्वाचक मंडल (इलेक्टोरल वोट) के 538 में से 270 वोट जरूरी हैं। इधर, सर्वे व मिडनाइट वोटिंग के नतीजों में वे पिछड़ गए हैं। मतदान से ठीक पहले आए फॉक्स न्यूज के सर्वे में हिलेरी को 48 और ट्रंप को 44 फीसद वोट मिलने की संभावना जताई गई थी। 19 में से सिर्फ दो सर्वे में ट्रंप आगे बताए गए थे।

इस चुनाव में 20 करोड़ मतदाताओं में से रिकॉर्ड 4.62 करोड़ मतदाता पूर्व मतदान कर 2012 का रिकॉर्ड तोड़ चुके है। तब 3.23 करोड़ ने समय पूर्व मतदान किया था। विशेषज्ञ इसका फायदा हिलेरी को मिलने की संभावना बता रहे हैं। इससे पूर्व मिडनाइट वोटिंग प्रक्रिया पूरी होने के बाद न्यू हेम्पशायर में हिलेरी ने ट्रंप पर 32-25 की बढ़त बना ली थी। डिक्सविले नॉच में 4-2 और हार्ट्स लोकेशन में 17-14 से उन्होंने ट्रंप को हराया। मिसफील्ड में हिलेरी को चार और ट्रंप को 16 वोट मिले।

भारत के लिए फायदा, चीन और पाक के लिए हो सकती मुश्किल

एक रैली में ट्रम्प ने कहा था – ‘जीता तो भारत का सबसे अच्छा दोस्त बनूंगा। वहां के लोग और उनका देश शानदार हैं। वहां दुनिया की सबसे बड़ी डेमोक्रेसी है।’ न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक, ट्रम्प ने अपने कैम्पेन की शुरुआत में ही पाकिस्तान को सबसे खतरनाक देश बताकर अपनी मंशा जाहिर कर दी थी। उन्होंने कहा था कि पाक ने 9/11 के बाद कई बार धोखा दिया है। प्रेसिडेंट बनने पर हर गलती के लिए उसे सजा दूंगा।’ वहीं पाकिस्तान को अमेरिका से मिल रही आर्थिक मदद में कटौती हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह जाहिर हो चुका है कि ट्रम्प रूस को लेकर नरम रवैया रखते हैं। रूसी मीडिया भी ट्रम्प को सपोर्ट कर रहा है। प्रेसिडेंशियल कैम्पेन के दौरान भी रूस ट्रम्प सपोर्टर के रूप में सामने आया था। रूस भारत का भी दोस्त है, इस लिहाज से ऐसा माना जा रहा है कि ट्रम्प चीन के खिलाफ भारत के नैचुरल फ्रेंड हो सकते हैं। वहीं, ट्रम्प ने चीन के खिलाफ ट्रेड वॉर छेडऩे की चेतावनी दी है। ट्रम्प चीन के तेजी से बढ़ते व्यापार, सिक्युरिटी और प्रभाव को लेकर चिंता जता चुके हैं।

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