जीएसटी से आधी जरूरी चीजें होंगी टैक्स फ्री और तम्बाकू, कोल्ड ड्रिंक्स, लक्जरी कारें हो सकती है महंगी

जीएसटी काउंसिल ने पहली अप्रैल 2017 से देश में जीएसटी लागू करने की एक बड़ी सफलता हासिल की है। केंद्र और राज्यों के प्रतिनिधियों वाली इस समिति में शून्य के अतिरिक्त जीएसटी की चार दरों पर सहमति बनी है। खाद्यान्न सहित खुदरा महंगाई दर की टोकरी में शामिल करीब 50 प्रतिशत वस्तुओं पर जीएसटी की दर शून्य रहेगी।

बनाए चार स्लैब

अन्य वस्तुओं पर 5, 12, 18 और 28 प्रतिशत की दर से जीएसटी लगेगा। तंबाकू उत्पाद, शीतल पेय और लक्जरी गाडिय़ों पर 28 प्रतिशत जीएसटी के अलावा अतिरिक्त सेस भी लगेगा। जीएसटी की ये दरें किन उत्पादों पर लागू होंगी इसकी विस्तृत सूची सचिवों की समिति तय करेगी।

फिलहाल सेस की दर तय नहीं

फिलहाल सेस की दर तय नहीं हुई है, लेकिन वित्त मंत्री अरुण जेटली का कहना है कि यह इन उत्पादों पर मौजूदा टैक्स तथा जीएसटी की अधिकतम दर के अंतर के बराबर होगा। तंबाकू उत्पादों पर फिलहाल 65 प्रतिशत टैक्स और शीतल पेय पर करीब 40 प्रतिशत टैक्स लगता है। इसका मतलब यह हुआ कि इन दोनों श्रेणियों के उत्पादों पर इससे कम टैक्स नहीं लगेगा। इसके अलावा मौजूदा ऊर्जा सेस भी जारी रहेगा। दोनों प्रकार के सेस से जुटाई जाने वाली राशि से केंद्र सरकार राज्यों को संभावित राजस्व क्षति की भरपाई करेगी। माना जा रहा है कि जीएसटी की इस दर संरचना से महंगाई नीचे आ सकती है।

काउंसिल में मंजूरी

वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की दो दिवसीय बैठक के पहले दिन जीएसटी दरों को मंजूरी दी गई। जेटली ने कहा कि जीएसटी की दरों को आम राय के साथ मंजूरी दी गई। हालांकि, सोने पर लगने वाली जीएसटी की दरों पर केंद्र और राज्यों के बीच सहमति नहीं बनने के कारण कोई फैसला नहीं हो पाया है।

ये उत्पाद रहेंगे सेस के दायरे में

फिलहाल उत्पाद शुल्क 12.5 प्रतिशत तथा वैट 14.5 प्रतिशत मिलाकर कुल टैक्स भार 30 से 31 प्रतिशत है, उन पर जीएसटी 28 प्रतिशत लगेगा। इस तरह यह दर पूर्व में प्रस्तावित 26 प्रतिशत की दर की अधिकतम दर से अधिक होगी। 28 प्रतिशत की श्रेणी में ज्यादातर व्हाइट गुड्स (टीवी, फ्रिज आदि कंयूमर ड्यूरेबल्स) होंगे। साथ ही तंबाकू उत्पाद, शीतल पेय, लक्जरी कारें और पान मसाला पर भी जीएसटी की अधिकतम दर 28 प्रतिशत लागू होगी। हालांकि इन चारों उत्पादों पर अतिरिक्त सेस भी लगेगा।

महंगाई का रखा ध्यान

महंगाई को ध्यान में रखते हुए सरकार ने जीएसटी की दो स्टैंडर्ड दरें रखी हैं। जेटली ने कहा कि इसके तहत 12 और 18 प्रतिशत की दर का चुनाव किया गया है। 18-19 अक्टूबर को हुई जीएसटी काउंसिल की बैठक में केंद्र ने जीएसटी की चार दरों 6,12,18 और 26 प्रतिशत का प्रस्ताव किया था। इस तरह अब आम लोगों के इस्तेमाल की चीजों पर छह प्रतिशत की जगह पांच प्रतिशत जीएसटी लगाने की सहमति बनी है जिससे निम्न आय वर्ग के लोगों को फायदा होगा।

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