भ्रूण जांच कराने वाले दलालों की अब खैर नहीं, टैक्सी व टोल संचालकों का लिया जाएगा सहयोग

 भ्रूण हत्या रोकने के लिए सूचना व सहयोग करने वाले को दिए जाते है 2 लाख रुपए, विभाग गांवों से लेकर शहरों तक तैयार कर रहा नेटवर्क


अर्थन्यूज नेटवर्क. जालोर

सीमावर्ती राज्य गुजरात तथा प्रदेश के दूसरे जिले में गर्भवती महिलाओं को ले जाकर भ्रूण परीक्षण कराने वाले दलालों पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से नजर रखी जा रही है। इसके तहत पिछले दिनों बाड़मेर की गर्भवती महिला को गुजरात लेकर भ्रूण परीक्षण कराने के आरोप में जिले के दो दलालों को गिरफ्तार किए जाने के बाद ऐसे लोगों पर शिकंजा कसने के लिए विभाग ने रणनीति बनाई है। इसके तहत जिले के सीमावर्ती ब्लॉक के गांवों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।
इस संबंध में गुरुवार को एक वीडियो कॉफे्रंस में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निदेशक नवीन जैन ने चिकित्सा अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने भ्रूण परीक्षण कराने वाले दलालों के नेटवर्क को तोडऩे के लिए की जाने वाली कार्रवाई के बारे में बताया। इसके अलावा आमजन को पीसीपीएनडी की मुखबिर योजना की जानकारी देने पर भी जोर दिया। उन्होंने गर्भवती महिलाओं और मीसिंग डिलीवरी के आंकडों के आधार पर ऐसे गांवों को चिह्नित करने के निर्देश दिए है, जिन गांवों की गर्भवती महिलाओं को प्रसव और उपचार करवाने के लिए दूसरे राज्य व प्रदेश के दूसरे जिलों में लेकर जाया जाता है। ऐसे गांवों की सूची बनाने के साथ आशा सहयोगिनी, एएनएम, नर्सिंग कर्मी व अन्य कार्मिकों तथा ग्रामीणों की सूचना के आधार पर दलालों पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वीडियो कॉफे्रंस में आरसीएचओ डॉ डी.सी. पुंसल, जिला कार्यक्रम प्रबंधक अजयसिंह कडवासरा, पीसीपीएनडीटी समन्वयक शंकर सुथार, जिला आशा समन्वयक विकास आचार्य, जिला आईईसी समन्वयक कमल गहलोत, सायला ब्लॉक कार्यकम प्रबंधक इलियास खान, जसवन्तपुरा ब्लॉक आशा फैसीलेटेटर दिनेश मौजूद थे।

बनाया जाएगा नेटवर्क

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जी.एस. देवल ने बताया कि भ्रूण परीक्षण कराने वाले दलालों को सलाखों के पीछे भेजने के लिए विभाग की ओर से जिले के गांवों में नेटवर्क तैयार किया जाएगा। इसके तहत ग्रामीणों को मुखबिर योजना व पीसीपीएनडी एक्ट की जानकारी दी जाएगी। वहीं भू्रण परीक्षण के बाद गर्भवती महिलाओं को होने वाले खतरों तथा गर्भ में जिन्दा शिशु की हत्या करने जैसेे अपराध से बचाने के लिए दलालों से उनकी सूचना देने के लिए जागरुक किया जाएगा। इसके लिए गांवों में आमजन के साथ लोगों को जागरुक किया जाएगा। वहीं गांव के युवाओं को प्रोत्साहित करने के साथ सरकारी कार्मिकों को नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। विभागीय अधिकारी गांवों में जाकर मुखबिर का कार्य करने वाले व्यक्तियों को चिह्नित कर दलालों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे।

प्राइवेट टैक्सी, एम्बुलेंस पर भी रहेगी नजर

विभाग की ओर से भ्रूण परीक्षण को रोकने के लिए प्राइवेट टैक्सी चालकों से भी संपर्क करने के साथ प्राइवेट एम्बुलेंस वालों पर भी नजर रखी जाएगी। इस कार्य के लिए टोल संचालकों का भी सहयोग लिया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. देवल ने बताया कि प्राइवेट टैक्सी चालकों को जागरुक किया जाएगा कि वे ऐसे लोगों की सूचना दें, ताकि कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा दूसरे सीमावर्ती राज्यों में गर्भवती महिलाओं को ले जाने वाले वाहनों और प्राइवेट एम्बुलेंस पर नजर रखेंगे। इसके लिए टोल नाका संचालकों का सहयोग लिया जाएगा। टोल संचालकों की मदद से गर्भवती महिलाओं को जिले के बाहर लेकर जाने वाले वाहनों के बारे में जानकारी एकत्रित की जाएगी।

जनप्रतिनिधियों का लिया जाएगा सहयोग

गांवों में सरपंच, पंच से संपर्क किया जाएगा, ताकि ऐसे दलालों के खिलाफ  गांवों में माहौल तैयार किया जा सके। इसके अलावा जिले के सांसद, जिला प्रमुख, जिला परिषद सदस्य, सभी विधायक, सभी पंचायत समिति प्रधान, पंचायत समिति सदस्य, जिला पीसीपीएनडीटी सलाहकार समिति सदस्य, गांवों में बनाई गई बेटी बचाओ अभियान की ब्राण्ड एम्बेसेडर बालिकाओं का भी सहयोग लिया जाएगा।

यह है मुखबिर योजना

भ्रूण परीक्षण रोकने के लिए विभाग की इस योजना के तहत कोई भी इसकी सूचना टोल फ्री नम्बर 104 पर दे सकता है। इसके तहत २ लाख रुपए की राशि प्रोत्साहन के तौर पर दिए जाने का प्रावधान है। यह राशि गर्भवती महिला, उसकी सहयोगी महिला तथा सूचना देने वाले व्यक्ति को दी जाती है।

 

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