पिता बकरियां चराते हैं, अब बेटा बनेगा डॉक्टर…

दिनेश जांगिड़. मेंगलवा @ अर्थ न्यूज नेटवर्क


लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
कहते हैं कुछ करने की ललक और समर्पण हो तो कुछ भी नामुमकिन नहीं है। इस बात को चरितार्थ कर दिखाया है जालोर जिले में गुदड़ी के एक लाल ने। अपनी कठिन मेहनत और संघर्ष के बूते सायला तहसील के तिलोड़ा गांव निवासी नरसाराम देवासी ने नीट (नेशनल एलिजिबिलिटी कम एन्ट्रेंस टेस्ट) में ऑल इंडिया में 3144वीं  व राज्य स्तर पर 544वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की है। पिता मानाराम और माता सुकी देवी के घर जन्मे नरसाराम की इस सफलता पर परिजनों व ग्रामीणों में खुशी की लहर है। नरसाराम दो-तीन साल से कोटा में अध्ययनरत है। वहीं रहकर उसने नीट परीक्षा की तैयारी की। सीबीएसई की ओर से आयोजित नीट परीक्षा में सफल अभ्यर्थी को एमबीबीएस व बीडीएस कोर्स में प्रवेश मिलता है।
चयन की सूचना पाकर खिला चेहरा
नरसाराम देवासी के नीट में चयन होने की सूचना जैसे ही उसके माता-पिता व परिजनों को मिली। घर में खुशी की लहर छा गई। सफलता मिलने पर उनके पिता बोले- ‘बेटे से जो उम्मीद थी उसे हासिल कर उसने परिवार का नाम रोशन कर दिया।”  इधर, नरसाराम के चयन के बाद उसके घर बधाई देने वालों का तांता लग गया। गांव में भी उसकी सफलता से खुशी की लहर है।
परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य
नरसाराम देवासी अपने पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे है। सबसे बड़े भाई दक्षिण भारत में खुद का व्यवसाय संभाल रहे हैं। उनसे छोटे भाई भी उनके पास ही है। पिता मानाराम देवासी घर पर ही बकरियों को चराने का काम करते हैं।
शिक्षा का सफर
देवासी ने प्रारम्भिक शिक्षा अपने गांव के ही सरकारी विद्यालय से उतीर्ण की। उसके बाद दसवीं तक की पढ़ाई आदर्श विद्या मंदिर भीनमाल से प्रथम श्रेणी से उतीर्ण की। तत्पश्चात अपने जीजाजी डॉ. नरसीराम देवासी के प्रोत्साहन व प्रेरणा से बारहवीं में विज्ञान वर्ग में कोटा के निजी विद्यालय में प्रवेश लेकर मेडिकल क्षेत्र में जाने का निर्णय लिया। बोर्ड परीक्षा में 83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। फिर एआईपीएमटी की तैयारी के लिए कोचिंग की, लेकिन सफलता नहीं मिली। फिर भी हार नहीं मानते हुए लगातार तैयारी जारी रखी। आखिरकार दो वर्ष बाद नीट एक्जाम में सफलता हासिल कर ही ली।

2 thoughts on “पिता बकरियां चराते हैं, अब बेटा बनेगा डॉक्टर…

  • 18/09/2016 at 8:45 pm
    Permalink

    बहुत-बहुत बधाई नरसारामजी को

    Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Page generated in 0.757 seconds. Stats plugin by www.blog.ca