इधर नंदीशाला को बंद करने का नोटिस, उधर गोसेवा संकल्प सभा की तैयारियां, गर्माई सियायत…

जालोर/रानीवाड़ा
सांचौर के गोलासन गांव में संचालित प्रदेश की सबसे बड़ी नंदी गोशाला को सरकार की ओर से बंद करने का नोटिस जारी किया गया है। इधर, गोसेवकों व गोभक्तों ने राजस्थान गोसेवा समिति सत्यपुर के तत्वावधान में सांचौर के चार रास्ता पर २७ अक्टूबर को ‘गोसेवा संकल्प सभा’ का आयोजन रखा है। फिलहाल, सम्मेलन की तैयारियां जोर-शोर से चल रही है। वहीं विभिन्न समितियां बनाकर गांव-गांव प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इन सबसे बीच, इस मसले पर सियासी घमासान मचने की अटकलें लगाई जा रही हैं। नंदीशाला को बंद करने के नोटिस के बाद सियासी हलकों से लेकर आमजन में इसमें भाजपा के नेता की भूमिका होने की अटकलें लगाई जा रही है।
गौरतलब है कि सरकार के आदेशानुसार प्रशासन ने नंदी गोशाला का संचालन करने वाले गोशाला संघ को नोटिस जारी कर गोचर भूमि से गोशाला हटाने के निर्देश जारी किए हैं। फिलहाल, इस मामले पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो पाया है, लेकिन इन सबके बीच गोसेवकों व गोभक्तों ने गोसेवा संकल्प सभा के आयोजन के तैयारियां शुरू कर दी है। कार्यक्रम को लेकर सांचौर कस्बे के विभिन्न धार्मिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक, सामाजिक संगठनों से लेकर व्यापार मंडल के सभी समूहों के प्रमुख पदाधिकारियों ने दोपहर बाद मंगलवार को बेचर सराय में बैठक कर ‘गोसेवा संकल्प सभाÓ को सफल करने का संकल्प लिया है। बैठक का आयोजन संत सुलभ महाराज के सान्निध्य एवं गोलासन नंदीशाला के अध्यक्ष राव मोहनसिंह चितलवाना की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान कार्यक्रम की आगामी रणनीति पर चर्चा की गई। बैठक में पथमेड़ा गोशाला अध्यक्ष केशाराम सुथार, महामंत्री प्रवीणकुमार पालड़ी, मास्टर डूंगराराम पुरोहित, राजस्थान गोसेवा समिति सांचौर अध्यक्ष अमराराम माली, भाखराराम विश्नोई, केवलाराम पालड़ी, श्यामसुन्दर औदिच्य, मेघराज मोदी सहित सैकड़ों गोसेवक उपस्थित रहे।

गोविंदाचार्य करेंगे शिरकत

राजस्थान गोसेवा समिति के स्थापक संयोजक एवं उपाध्यक्ष पूनम राजपुरोहित ने बताया कि सम्मेलन में गोलासन नन्दीशाला को हटाने के कुप्रयासों में लगे गोविरोधी असामाजिक तत्वों के षड्यन्त्रों तथा गोशालाओं के प्रति लगातार शासकीय उपेक्षा, अनदेखी व असहयोग के प्रति लोकतान्त्रिक स्वरूप में ‘विरोध प्रस्ताव’ पारित किया जा सकता है। 27 अक्टूबर को ‘गोसेवा संकल्प सभा’ के बाद गोसेवक-गोभक्त शांतिपूर्वक जुलूस के रूप में उपखंड कार्यालय जाकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। सम्मेलन में भारत संगम के संयोजक के. एन. गोविंदचार्य सहित राज्य व देश के कई वरिष्ठ संतों का उद्बोधन भी होगा। वहीं श्रीपथमेड़ा गोधाम महातीर्थ के संस्थापक गोऋषि स्वामी दत्तशरणानंद भी शिकरत करेंगे।

यह भी होंगे शरीक

सम्मेलन में गोऋषि स्वामी दत्तशरणानन्द का सान्निध्य रहेगा, जबकि भारत संगम के राष्ट्रीय संयोजक के. एन. गोविंदचार्य मुख्य अतिथि होंगे। वहीं देशभर से शीर्ष गोसेवा भावी संतवृंदों में श्रीमहन्त रामप्रवेशदास महाराज-आद्यवाराह पीठ श्रीधाम वृन्दावन, महन्त मदनमोहनदास महाराज-निर्मोही अनी अखाड़ा धीर समीर, ओंकार भसारती महाराज-परेउ मठ बाड़मेर, महन्त दिनेशगिरी महाराज-अध्यक्ष राजस्थान गोसेवा समिति फतेहपुर सीकर, महन्त रविन्द्रानन्द सरस्वती-थानापति जूनाखाड़ा हरिद्वार, महन्त प्रतापपुरी महाराज-तारातरा मठ बाड़मेर, रामदास महाराज-देवरी, रघुवीरदास महाराज-बीकानेर, रघुनाथभारती महाराज-संस्थापक कामधेनु गोशाला सिणधरी, सियावल्लभदास महाराज-कटावधाम गुजरात, महन्त सदागिरि महाराज- गंगेश्वरधाम पांथावाड़़ा, महन्त शिवरामदास महाराज, श्रीधाम वृन्दावन, महन्त सन्तोषपुरी महाराज- हाथीगांव मठ सांचौर, महन्त नेमीनाथ महाराज, दूगावा सांचौर, रघुवीरदास महाराज बांसवाड़ा सहित वरिष्ठ संतजनों की उपस्थिति रहेगी।

भाजपा नेता के हाथ होने की अटकलें

नंदी गोशाला को बंद करने के नोटिस देने की बात सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर नई चर्चा शुरू हो गई है। जिसमें सांचौर के एक भाजपा नेता के इशारे पर इस कार्यवाही को करवाने की बात कही जा रही है। खैर यह बात तो सम्मेलन के दौरान खुले तौर पर जाहिर हो जाएगी कि इस पूरे प्रकरण के लिए गोशाला संघ किससे जिम्मेदार मान रहा है, लेकिन इससे सियासत जरूर गर्मा गई है। इससे आगामी चुनावों में जातीय धु्रवीकरण होने की सम्भावनाएं भी मजबूत हो गई हैं।

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