मां चंद्रघंटा का हुआ विशेष पूजन, भक्तों ने दी यज्ञ में आहुतियां

जालोर @ अर्थ न्यूज नेटवर्क


बागरा के निकट डूडसी में नवरात्रि के अवसर पर शनिवार को तीसरे दिन मां दुर्गा के नौ रूपों की पूजा के साथ मां चंद्रघंटा का विशेष पूजन किया गया। इस दौरान बड़ी तादाद में भक्तों ने यज्ञ में आहुतियां देकर इस स्वर्णिम अवसर के साक्षी बने।

 

इस अवसर पर दुधेश्वरनाथ मन्दिर के मठाधीश एवं पंचदशनाम जूना अखाड़ा के अन्तरराष्ट्रीय मंत्री श्रीमहंत नारायणगिरि महाराज के सान्निध्य में मां चंद्रघंटा का पूजन किया गया। आचार्य तोयराज उपाध्याय ने विद्वान पंडितों के साथ मंत्रोच्चारण कर शत्चण्डी पाठ एवं मां चंद्रघंटा की पूजा की। श्रीमहंत नारायणगिरि महाराज ने बताया कि शारदीय नवरात्रि में मां चंद्रघंटा की पूजा करने का काफी महत्व है। मां चंद्रघंटा का रूप बहुत ही सौम्य है। मां को सुगंध प्रिय है। उनका वाहन सिंह है। उनके दस हाथ हैं। हर हाथ में अलग-अलग शस्त्र हैं। वे आसुरी शक्तियों से रक्षा करती हैं। मां चंद्रघंटा की आराधना करने वालों का अहंकार नष्ट होता है और उनको सौभाग्य, शांति और वैभव की प्राप्ति होती है। इनके मस्तक में घंटे के आकार का अर्धचंद्र है, इसीलिए इन्हें चंद्रघंटा कहा जाता है। मां चंद्रघंटा सिंह पर विराजती हैं। मां चंद्रघंटा देवी का स्वरूप सोने के समान कांतिवान है। देवी मां की दस भुजाएं हैं और दसों हाथों में खडग़ व बाण है।

 

मां चंद्रघंटा के गले में सफेद फूलों की माला रहती है। पिंटू सुथार तेलवाड़ा ने बताया कि नवरात्रि के अवसर पर लगातार पण्डितों द्वारा नौ दिवसीय शत्चण्डी 108 पाठ एवं हवन प्रतिदिन, 29 सितंबर को कन्या पूजन एवं प्रसाद के साथ सम्पन किया जाएगा। कार्यक्रम में जालोर भाजपा जिलाध्यक्ष रविन्द्रसिंह बालावत, वरिष्ठ भाजपा नेता मंगलसिंह सिराणा, चंदनपुरी महाराज, नाथू सोलंकी, गणपतसिंह भंवराणी, डूडसी के पूर्व सरपंच शैतानसिंह, उम्मेदसिंह सिंधल, उगमसिंह केशवना, अभयसिंह सहित कई लोगों को महंत ने रूद्राक्ष की माला एवं पटका पहनाकर आशीर्वाद दिया। वहीं कार्यक्रम में बड़ी तादाद में डूडसी सहित आसपास के ग्रामीणों ने भाग लिया।

 

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