नवरात्र पर ऐसे करें घट स्थापना, यह रहेंगे शुभ मुहुर्त

शारदीय नवरात्र 1 अक्टूबर से शुरू होगा जो 10 अक्टूबर तक चलेगा। इस दौरान देश सहित दुनियाभर में नवरात्र महोत्सव की धूम रहेगी। इस बाद नवरात्र 10 दिन के रहेंगे, क्योंकि इस बार तृतीया तिथि दो दिन है। नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना होगी अर्थात् इस इस दिन मॉ दुर्गा की प्रतिमा और कलश की स्थापना होगी और यहीं से नवरात्र प्रारम्भ होगा।

ऐसे करें घट स्थापना

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घटना स्थापना के दिन दुर्गा मॉ के समक्ष 9 दिन तक अखण्ड ज्योत लगाई जाती है। यह अखण्ड ज्योत हमारी मॉ के प्रति आस्था का प्रतीक होती है। इस दौरान मॉ शक्ति के समक्ष एक तेल का व एक शुद्ध घी का दीया जलाना चाहिए।
दीपक या अग्नि के समक्ष किए गए जाप का साधक को हजार गुना फल प्राप्त हो है। घी का दीपक देवी के दाहिनी ओर तथा तेल वाला दीपक देवी के बाईं ओर रखना चाहिए। माता के समक्ष अखंड ज्योत पूरे 9 दिनों तक रहनी चाहिए। इसके लिए अखंड ज्योत में घी डालना हो, बत्ती ठीक करनी हो तो या गुल झाडऩा हो तो छोटा दीपक अखंड दीपक की लौ से जलाकर अलग रख लें। अखंड दीपक को ठीक करते हुए ज्योत बुझ जाती है तो छोटे दीपक की लौ से अखंड ज्योत वापस जलाई जा सकती है छोटे दीपक की लौ को घी में डूबोकर ही बुझाएं।

ऐसे करें आरती

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सनातन धर्म के प्रत्येक धार्मिक कर्म-कांड के बाद भगवान की आरती उतारने का विधान है। आरती के भी कुछ नियम होते हैं। पहली देवताओं के सम्मुख चौदह बार आरती उतारना चाहिए। चार बार चरणों पर से, दो बार नाभि पर से, एक बार मुख पर से तथा सात बार पूरे शरीर पर से। आरती की बत्तियाँ 1, 5, 7 अर्थात विषम संख्या में ही बनाकर आरती की जानी चाहिए।

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घट स्थापना के मुहुर्त

  • 1 अक्टूबर यानि शनिवार
  • शुभ : सुबह 7.47 से 9.17 तक
  • अभिजित : दोपहर 11.52 से 12.40 तक
  • चंचल : 12.15 से 1.45 तक
  • लाभ : 1.45 से 3.15 तक
  • अमृत : 3.15 से 4.45 तक
  • (नोट : घट स्थापना सूर्यास्त से पहले करनी चाहिए तथा सुबह व अभिजित मुहुर्त में घटस्थापना अतिउत्तम है)

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