भांडवपुर में उमड़ रहे जैन समुदाय के लोग

मेंगलवा @ अर्थ न्यूज नेटवर्क


अति प्राचीन भाण्डवपुर जैन तीर्थ में आचार्य जयन्तसेन सूरीश्वर महाराज के देवलोक गमन निमित्त पुण्योत्सव सह सूरीपदोत्सव अनुमोदनार्थ अष्ठाह्निका महोत्सव का आयोजन आचार्य नित्यसेन सूरीश्वर महाराज व जयरत्न सूरीश्वर महाराज की पावन निश्रा में किया जा रहा है। कार्यक्रम के तहत शनिवार को पाश्र्वनाथ पंचकल्याणक पूजा, नवग्रह पाटला पूजन व अंगरचना भक्ति सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठान हुए। इस दौरान जिले सहित कई जगह जैन समुदाय के लोग कार्यक्रम में भाग लेने पहुंच रहे है।

 

इस दौरान प्रवचन कार्यक्रम में मुनि आनंद विजय ने कहा कि भक्ति और आराधना से तात्पर्य केवल इतना ही नहीं है कि हम केवल हाथ में माला ही पकड़े रहे। भगवान की प्रार्थना, उपासना, स्तुति का मतलब भी इतना ही नहीं है कि हम केवल अपने लिए और अपनों की सलामती के लिए ही कामना करते रह। भगवान के नाम की माला हाथ में थामे हुए केवल अपने विषय में, मालामाल होने की प्रार्थना करते रहे तो यह अनुचित हो जाएगा। भक्ति का सीधा सा अर्थ है उसकी आज्ञाओं का सहर्ष पालन करना। इसलिए गुरु आज्ञा का कभी उलंघन न करें। सत्पुरुषों की न स्वयं निन्दा करें और न किसी के द्वारा किए जाने पर श्रवण करें। भगवान के अनेक नाम हैं और स्वरूप हैं। उनमें कभी भेद न करें। गुरु जनों के प्रति अगाध श्रद्घा बनाए रखें। प्रेम भाव बनाए रखने से जीवन जगमगा उठता है। जो गुरु की आज्ञा का पालन सहर्ष करते है, उनके हृदय में स्वयं गुरु विराजमान हो जाते हैं।

आज होगी नेमीनाथ पंच कल्याणक पूजा

अष्ठाह्निका महोत्सव के तहत आज नेमीनाथ पंच कल्याणक पूजा, अष्टमंगल व दशादिग्पाल पाटला पूजन व अंगरचना भक्ति सहित अन्य धार्मिक अनुष्ठानो का आयोजन होगा।

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