777888999 से कॉल यानी मौत की घंटी, जानिए हकीकत…

नई दिल्ली @ अर्थ न्यूज नेटवर्क


दुनियाभर में रैम्समवेयर वायरस के खतरे के बीच इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नम्बर से आने वाली कॉल को मौत की घंटी बताया जा रहा है। लोग इस मैसेज को बिना पड़ताल के शेयर अपने मित्रों व रिश्तेदारों को इस कॉल को रिसीव नहीं करने के लिए आगाह कर रहे हैं। लेकिन हकीकत में यह सिर्फ एक अफवाह है।

 

दरअसल, इन दिनों तेजी से वायरल हो रहे मैसेज ने आम लोगों में भी खौफ पैदा कर दिया है। इस मैसेज में बताया जा रहा है कि 777888999 नम्बर से आने वाले कॉल को रिसीव नहीं करें अन्यथा उनका मोबाइल ब्लास्ट हो जाएगा। यह गलती उनकी मौत का कारण भी बन सकती है। इस मैसेज को तकरीबन सभी भाषाओं में शेयर किया जा रहा है। जबकि हैरत की बात यह है कि जिस नम्बर को मौत की घंटी बताकर लोगों को सतर्क रहने का दावा किया जा रहा है, वह मोबाइल नंबर नौ अंकों का है।

यह है हकीकत

मैसेज वायरल होने के बाद इसकी पड़ताल भी शुरू हो गई। एक्सपर्ट्स का दावा है कि भारत में अमूमन 10 अंकों का मोबाइल नम्बर होता है। जबकि यह मोबाइल नम्बर महज 9 अंकों का है। ऐसे में पहली बात तो यह कि भारत में इस तरह का नम्बर ही नहीं हो सकता है। हालांकि इस तरह का कॉल विदेश से आ सकता है। लेकिन इसके साथ ही आईएसडी कोड भी पहले आता है। जैसे भारत से आने वाले तमाम कॉल में पहले +91 जुड़ा आता है। ऐसे में माना जा रहा है कि यह मैसेज महज एक अफवाह है। लोग भी इस मैसेज को बिना किसी पड़ताल के लगातार शेयर कर रहे हैं। माना जा रहा है कि यह मैसेज महज किसी के दिमाग का फितूर है।

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