जालोर : संत की प्रेरणा बनी सामाजिक सरोकार, बेटी की शादी में भेंट की एम्बुलेंस

जालोर @ अर्थ न्यूज नेटवर्क


शादियों में बढ़ते तामझाम के बीच जिले के सांथू में हुई एक शादी लोगों के बीच खासी चर्चा का विषय है। आम तौर पर लड़की के परिजन अपने बेटी को स्त्रीधन के तौर पर गहनों के साथ ही घरेलू सामान और वाहन देते हैं, लेकिन यहां शादी में होने वाले खर्च को देख लड़की के पिता को उनके आराध्य संत ने सामाजिक सरोकार की सीख दी। नतीजा यह हुआ है कि लड़की के पिता ने अपनी समधि को ग्रामीणों के लिए एम्बुलेंस भेंट की है। जो अब गांव में लोगों को इलाज के लिए रैफर करने में काम आएगी।

 

दरअसल, जिला मुख्यालय से करीब तीस किलोमीटर दूर सांथू गांव के निवासी पवनसिंह राजपुरोहित जयपुर व दिल्ली में चूडिय़ों का व्यवसाय करते हैं। वे अपनी बिटिया प्रीति की शादी को यादगार बनाते चाहते थे। चूंकि वे स्वयं एक सफल व्यवसायी है। वहीं उनकी बेटी प्रीति राजपुरोहित भी बीए एलएलबी है। बिटिया की शादी को लेकर उन्होंने अपने रिश्तेदारों के साथ ही अपने तमाम व्यवयासी मित्रों व परिचितों को भी आमंत्रित किया था। अपनी बेटी को स्त्रीधन के तौर पर वे गहनों के साथ ही घरेलू सामान व वाहन देने के ईच्छुक थे, लेकिन शादी से ऐन पहले उन्होंने इस निर्णय को बदल दिया।

संत की सद्प्रेरणा आई काम

शादी से पहले पवनसिंह राजपुरोहित अपने आराध्य संत ध्यानारामजी से आशीर्वाद लेने गए थे। इस दौरान उन्होंने शादी की तैयारियों पर भी चर्चा की। इस संत ने उन्हें हिदायत दी कि जब आप शादी में इतना खर्च कर रहे हैं तो सामाजिक सरोकार के लिए राशि खर्च करनी चाहिए। पवनसिंह ने तत्काल गुरुवर को अपनी सीख पर अमल करने की बात कही। उन्होंने घर आते ही अपने परिवार में इस बात पर चर्चा करके बेटी को चार पहिया वाहन देने के निर्णय को बदल दिया। इसके बदले उन्होंने एक लग्जरी कार खरीदकर उसे एम्बुलेंस में तब्दील कर दिया।

हर किसी ने की सराहना

शादी के दिन दूल्हा चवरछा से दूल्हा हिम्मतसिंह राजपुरोहित बारात लेकर पहुंचा। शादी की रस्मों के बाद जब पवनसिंह ने अपने समधि को अपनी बेटी की शादी में स्त्रीधन के तौर पर एम्बुलेंस देने की बात कही तो दूल्हे के परिजनों के साथ ही बारातियों व ग्रामीणों ने भी खुले दिल से इसकी सराहना की। यह एम्बुलेंस अब प्रीति के ससुराल चवरछा (आहोर) में लोगों को इलाज के लिए रैफर करने में काम आएगी।

…ताकि बन सके प्रेरणा

प्रीति के चचेरे भाई व भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य मानवेंद्रसिंह राजपुरोहित ने बताया यह पहल बहुत पहले हो जानी चाहिए थी। आज के समय में जब शादियों पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं। उसमें से कुछ धन अगर समाज सेवा में खर्च हो तो यह पुण्य का कार्य है। संत की सीख पर अमल करके उनके चाचा ने सराहना कार्य किया। परिवार के लोग भी चाहते हैं कि अब हर शादी में कुछ राशि समाज सेवा में खर्च हो। ताकि आमजन के लिए भी यह एक प्रेरणा बन सके।

संत की सद्प्रेरणा से उठाया कदम

शादी से पहले मैं आराध्य संत ध्यानारामजी से आशीर्वाद लेने गया था। तब उन्होंने शादी पर होने वाले खर्च में से कुछ राशि समाजसेवा में खर्च करने की सीख दी है। इसी सद्प्रेरणा से मैंने यह कदम उठाया। इस निर्णय से मुझे आत्मिक शांति का अनुभव हो रहा है।

– पवनसिंह राजपुरोहित, दुल्हन के पिता, सांथू

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