जवाई नदी में कल बंद होगा पानी, अब इतना पानी है और यहां होगा उपयोग…

जालोर. जवाई नदी में करीब एक माह 28 दिन तक पानी बहने के बाद रविवार को जवाई बांध से पानी की निकासी बंद कर दी जाएगी। हालांकि शनिवार को ही सिंदूरी बांध को भरने के लिए पानी की निकासी में कटौती कर दी गई है, लेकिन रविवार दोपहर तक इस पानी की निकासी तकरीबन पूरी तरह बंद कर दी जाएगी। वर्ष 1973 के बाद यह पहला मौका है जब जवाई नदी में करीब दो माह तक पानी का बहाव हुआ है। इसके साथ ही 24 अक्टूबर से नहरों में पानी दिया जाएगा।
गौरतलब है कि इस बार अच्छी बारिश से सेई बांध से पानी की अच्छी आवक के साथ ही इस बार 27 अगस्त को जवाई बांध में 59 फीट का गेज पार होते ही एक गेट तीन इंच तक खोला गया था। इससे 200 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। अगले दिन ही 28 अगस्त को शाम तक कुल तीन गेट खोल कर 2370 क्यूसेक की पानी शुरू की गई। वहीं 4 सितम्बर को इस बार का सबसे ज्यादा पानी यानी 5500 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इसके बाद पानी की आवक के चलते निकासी कम-ज्यादा होती रही। गत दिनों लगातार तीन दिन तक बांध के जल ग्रहण क्षेत्र में अच्छी बारिश के बाद 6 अक्टूबर को 2841 क्यूसेक पानी की निकासी की गई थी। इसके अगले दिन ही 7 अक्टूबर को बांध का गेज कंट्रोल होने पर पानी में कटौती कर 737 क्यूसेक कर दिया। जबकि 9 अक्टूबर केा 485 क्यूसेक पानी की किया गया। जबकि 12 अक्टूबर को गेट नम्बर दो को घटाकर 0.40 फीट करके 400 क्यूसेक पानी दिया जाने लगा। जो 22 अक्टूबर तक लगातार जारी है। शाम तक इसकी मात्रा में कमी की गई है। जिसे रविवार तक पूर्ण रूप से बंद कर दिया जाएगा। फिलहाल, बांध में 61.20 फीट का गेज के साथ 7314 एमसीएफटी जल उपलब्धता है।
550 क्यूसेक देंगे नहरों में पानी
विभागीय सूत्रों के अनुसार नदी में पानी की निकासी बंद करने के साथ ही 24 अक्टूबर से नहरों में पानी की निकासी की जाएगी। इसके साथ ही सिंदूरी बांध में भी पानी भरा जाएगा। नहरों में करीब 550 क्यूसेक पानी दिया जाएगा। शेष पानी पाली जिले में पेयजल के लिए आरक्षित रखा जाएगा।
वर्ष 1973 व 1990 में बही थी नदी
जानकारों की मानें तो जवाई नदी में वर्ष 1973 के बाद 2016 में लगातार इतने लम्बे समय तक पानी का बहाव हुआ है। इसके अलावा वर्ष 1990 में भी नदी में काफी दिनों तक पानी का बहाव हुआ था। वर्ष 2006 में अतिवृष्टि के कारण एक साथ नौ गेट खोले गए थे, लेकिन यह पानी बेड़ा बांध टूटने के कारण अति आवक के कारण खोले गए थे। एक साथ पानी छोडऩे के कारण नदी में कम समय तक ही पानी का बहाव रहा था। वहीं इससे जलस्तर को भी खास लाभ नहीं मिला था। लेकिन इस बार विभाग के सलाहकार पूर्व अतिरिक्त मुख्य अभियंता शंकरलाल की सलाह से व्यवस्थित तरीके से पानी छोड़ा गया। जिससे नदी में लम्बे समय तक पानी का बहाव होने के साथ ही बांध का गेज भी बरकरार है।

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