रक्षा मंत्री बोले- नोटबंदी के साथ कश्मीर में बंद हुई पत्थरबाजी

रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने 14 नवम्बर को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के कि 500 और 1000 रुपए के उच्च मूल्य वाले नोट बंद करने के बाद आतंकवाद का वित्तपोषण खत्म हो गया है। इसका सबसे बड़ा असर कश्मीर में हुआ है, जहां पिछले कई महीनों से जो पत्थरबाजी हो रही थी, वो अब रुक गई है। उन्होंने इस साहसिक कदम के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा कि इससे मादक द्रव्यों पर रोक लगाने में भी मदद मिलेगी।

पर्रिकर ने कहा, पहले दरें तय थीं — सुरक्षा बलों पर पथराव के लिए पांच सौ रूपये और किसी अन्य काम के लिए एक हजार रूपये। प्रधानमंत्री ने आतंकवाद के वित्तपोषण को खत्म कर दिया। भाजपा विधायक अतुल भाटखालकर की तरफ से आयोजित एक कार्यक्रम में रक्षा मंत्री ने कहा कि ‘‘पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री के साहसिक कदम के बाद सुरक्षा बलों पर पथराव नहीं हो रहा है। इसके लिए मैं प्रधानमंत्री को बधाई देता हूं।’’ पर्रिकर ने बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए कहा कि आतंकवाद को प्रायोजित करने वाले नोटबंदी से प्रभावित होंगे।

गौरतलब है कि मनोहर पर्रिकर के कुछ बयान पहले भी विवादों में रहे हैं। अभी हाल में उनके परमाणु बम पर दिए गए एक बयान ने विवाद पैदा कर दिया था। मोनहर पर्रिकर ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान कहा, ‘पहले प्रयोग नहीं (नो फर्स्ट यूज) की नीति’ के बजाय भारत यह क्यों नहीं कह सकता कि हम एक जिम्मेदार परमाणु शक्ति हैं और गैरजिम्मेदार तरीके से इसका प्रयोग नहीं करेंगे।’ लेकिन इसके तुरंत बाद पर्रिकर बोले, ‘यह मेरा निजी विचार हैं। वर्ना कुछ कल यह खबर चला देंगे कि पर्रिकर ने न्यूक्लियर सिद्धांत में बदलाव कर दिए हैं। सरकार द्वारा कोई बदलाव नहीं किया गया है। यह मेरे निजी विचार हैं।’ इससे पहले रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर ने सर्जिकल स्ट्राइक का फैसला लेने के लिए आरएसएस के प्रशिक्षण को के्रडिट दिया था। उन्होंने कहा था कि महात्मा गांधी की धरती से आए प्रधानमंत्री और गोवा से आए रक्षामंत्री एक अलग तरह का कॉम्बिनेशन बनाते हैं। इस कॉम्बिनेशन ने भारतीय सेना के नियंत्रण रेखा के पार जाकर सर्जिकल स्ट्राइक करने का समर्थन किया।

 

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