##Big Breaking## खुलासा : भाजपा महिला नेत्री के घर जबदस्ती घुसकर गलत हरकतें करने वाले भाजपा नेता की करतूतों का खुलासा, महिला पुलिस मेें लिखित रिपोर्ट दी तो दबाव बनवाकर करवाया समझौता

अर्थन्यूज नेटवर्क. जालोर

भारतीय जनता पार्टी के एक पदाधिकारी पर गत दिनों महिला पदाधिकारी की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों का आज अर्थन्यूज खुलासा कर रहा है। गत दिनों हमने खबर प्रकाशित कर इस तरह की चर्चा होने की बात सामने रखी थी। जिसके बाद आज इस मामले से पर्दा उठाया जा रहा है कि आखिर वह भाजपा पदाधिकारी कौन है जिसने एक महिला भाजपा पदाधिकारी के घर में घुसकर उसके साथ छेड़छाड़ की तथा लज्जा भंग की।

इधर, महिला की ओर से पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत देने के बाद इस मामले में भाजपा नेता ने जैसे-तैसे कर महिला पर दबाव बनाया तथा इस मामले में समझौता करवा दिया। गौर करने वाली बात तो यह है कि भाजपा नेता पर गंभीर आरोप लगने के बाद भी ना तो पुलिस ने इस मामले में भाजपा नेता के खिलाफ कार्यवाही की और ना ही भारतीय जनता पार्टी ने इस मामले में नेता पर कार्यवाही की।

आइए जानते हैं कौन है वह भाजपा नेता

भाजपा नगर अध्यक्ष ओबाराम देवासी ही वह नेता है, जिसने भाजपा महिला पदाधिकारी के घर जबरदस्ती घुसकर उसके साथ गलत हरकतें करने की कोशिश की थी। महिला ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक को लिखित रिपोर्ट भी दी थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि उनके पास ऐसी कोई शिकायत नहीं आई। सूत्रों के अनुसार ओबाराम देवासी पर महिला पदाधिकारी की ओर से लगाए गए गंभीर आरोपों के बाद पुलिस में शिकायत करने के मामले को देखते हुए इसमें विधायक के पति बाबूलाल मेघवाल ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए दोनों में राजीनामा करवाया। जीवाणा गांव के एक बेरे पर इस मामले में राजीनामा होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि इस मामले में महिला पदाधिकारी को सभापति, प्रधान या अन्य कोई पड़ा पद देने का लालच देकर शिकायत वापस लेकर मामला रफा-दफा करवा दिया गया। इधर, भाजपा जिलाध्यक्ष रविंद्रसिंह बालावत का कहना है कि उनके पास इस तरह की कोई शिकायत नहीं आई। मामला प्लॉट के लेनदेन का सामने आ रहा है।

ओबाराम देवासी की ओर से सोशल मीडिया पर डाली गई पोस्ट

महिला की ओर से यह लिखित रिपोर्ट दी थी पुलिस अधीक्षक को

पुलिस अधीक्षक को लिखी रिपोर्ट में बताया कि 19 दिसंबर को दोपहर में लगभग 4.20 बजे ओबाराम देवासी ने उसके घर आया तथा दरवाजा खटखटाया। तब मैंने दरवाजा खोला तो उसने पूछा महेशजी (बदला हुआ नाम) है घर पर, तो मैंने जबाव दिया कि वो फैक्ट्री होंगे, वहां जाकर मिल लो। ओबाराम देवासी ने कहा कि वो घर नहीं है तो ठीक है ना, पानी वानी तो पिलाओ, कहकर वह मेरे मना करने के बावजूद जबरदस्ती घर में घुस गया और कहा कि (नाम लेते हुए) क्या दूर-दूर रहते हो आओ ना, तो मैंने कहा फालतू बातें मत करो, आप जाओ यहां से इतने में ओबाराम देवासी ने खड़े होकर मुझे बाहों में जकड़ते हुए कहा चलो ना क्यों भाव खा रही हो और शरीर के अंगों को छूते हुए लाज भंग करते हुए मुझे पाट की तरफ धकेलने लगा। मैंने जोर से बोलते हुए बड़ी मुश्किल से छुड़ाने की कोशिश की जितने में दूसरे कमरे में पढ़ रहे मेरे पुत्र बाहर आए तथा बाहर रोड से आवाज सुनकर देवराजजी भी अंदर आए। ओबाराम ने मेरे थप्पड़ मारकर पाट की तरफ धकेला तो मैं पाट पर गिर गई। परंतु मेरे बच्चों व देवराजजी को देखकर ओबाराम घबरा गया और बाहर की तरफ भागने लगा। जब वह घर से निकल रहा था तब रास्ते जाते मोहनजी ने देखा और पूछा कि क्या हुआ तो ओबाराम बिना जबाव दिए अपनी गाड़ी लेकर वहां से भाग गया। इस प्रकार ओबाराम देवासी ने जबरदस्ती मेरे मकान में घुसकर धक्का मुक्की कर मेरे साथ गलत काम करने की कोशिश की।

भाजपा महिला पदाधिकारी की आरे से पुलिस अधीक्षक के नाम दिए गए पत्र की कॉपी। महिला की पहचान छुपाने के लिए नाम को ब्लैक किया गया है।

महिला पदाधिकारियों का शोषण होता है?

भाजपा की इस पदाधिकारी ने भाजपा के ही ओबाराम देवासी पर इस तरह गंभीर आरोप लगाकर जनता के सामने सवाल खड़े कर दिए हैं कि क्या राजनीति में महिला का शोषण करने के प्रयास किए जाते हैं। अगर इस तरह राजनीति में महिलाओं का शोषण किया जाता है तो फिर कोई महिला राजनीति में आने से पहले कई बार सोचेगी।

विधायक पति पर लग रहे आरोप, सत्ता का लालच देकर करवाया समझौता

इस मामले में राजीनामा करवाने के पीछे जालोर विधायक अमृता मेघवाल के पति बाबूलाल मेघवाल का हाथ सामने आ रहा है। बताया जा रहा है कि महिला नेत्री को जालोर नगर परिषद सभापति या प्रधान बनाने का लालच देकर इस मामले में समझौता करवाया गया है। इतना ही नहीं इस बातचीत का एक ऑडियो वायरल होने की भी चर्चाएं चल रही है।

पुलिस कार्यवाही करती तो जेल की हवा भी खानी पड़ सकती थी देवासी को

जिस तरह के आरोप महिला भाजपा पदाधिकारी ने ओबाराम देवासी के खिलाफ लगाए है। यदि पुलिस मामला दर्ज करती और कार्यवाही करती तो ओबाराम देवासी को जेल की हवा तक खानी पड़ सकती थी। महिलाओं की सुरक्षा को लेकर जहां कानून भी सख्त है, वहां इतने बड़े मामले को दबाना कई तरह के सवाल खड़े करता है।

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