#Big Breaking# 500 हिंदू विस्थापित इस्लाम कबूलने को मजबूर, 25 मार्च को जबरदस्ती होगा धर्म परिवर्तन

अर्थ न्यूज. जोधपुर

पाकिस्तान में रहने वाले हिंदुओं पर जुल्मों सितम बढ़ता ही जा रहा है। सबसे अधिक जुल्म तो उन हिंदुओं पर होता है जो वहां से परेशान होकर भारत में आ गए लेकिन यहां भी सरकार नागरिकता नहीं दे पाई और उन्हें दोबारा पाकिस्तान में जाना पड़ा। ऐसे ही 500 हिंदू विस्थापितों को 25 मार्च को जबरन इस्लाम कबूल करवाए जाने की तैयारी पाकिस्तान के सिंध प्रांत में चल रही है।

कम हो रही हिंदुओं की आबादी

राजस्थान की सीमा के पार पाकिस्तान के सिंध प्रांत में हिंदुओं की आबादी तेजी से खत्म की जा रही है। जो लोग पाकिस्तान छोड़ कर भारत आए थे, मगर किन्हीं कारणों से उन्हें वापस जाना पड़ा, उन परिवारों को विशेष रूप से टारगेट किया जा रहा है। पिछले तीन सालों में भारत में शरण लेने आए 1379 हिंदू विस्थापित पाकिस्तान लौटे हैं।

पाकिस्तान का हिंदू न घर का ना घाट का

सीमा के इधर भारत में विस्थापितों के लिए संघर्ष करने वाले सीमांत लोक संगठन के अध्यक्ष हिंदूसिंह सोढ़ा कहते हैं कि पाकिस्तान का हिंदू न घर का है न घाट का। वहां धर्म बदलने की मजबूरी, यहां रोजी-रोटी और न जाने कब खदेड़ दिए जाने का खतरा हर समय मंडराता है। भारत सरकार विस्थापित हिंदुओं के पुनर्वास के नियम बनाती तो है, परंतु जिला स्तरों पर उनकी पालना नहीं होती। इसलिए जो लौट रहे हैं, उनके पास धर्म बदलने के अलावा दूसरा कोई रास्ता भी नहीं है।

मुस्लिम बनने के बाद हिंदू बेटिया सामुहिक दुष्कर्म से बच जाएगी

सिंध के अवामी आवाज अखबार के संपादक रहे असद चांडियो, जो पाकिस्तानी हिंदुओं की दुर्दशा पर लिखते रहे और वहां के कट्टरपंथियों के जुल्मों के कारण उन्हें देश छोड़ कर अमेरिका में शरण लेनी पड़ी। उन्होंने धर्म परिवर्तन के इस जलसे को हिंदुओं की लाचारी बताते हुए कहा कि मुझसे पूछो तो यही कहूंगा कि मुस्लिम बनने के बाद उनकी बेटियां अगवा होने और सामुहिक दुष्कर्म से तो बच ही जाएंगी।

व्हाट्स पर भारत में पहुंचे धर्म परिवर्तन के पर्चे

धर्म परिवर्तन जलसे के पर्चे सीमा पार रहने वाले विस्थापितों तक भी पहुंचे हैं। सोशल मीडिया से जुड़े विस्थापितों और सिंध में रहने वाले हिंदू समूहों के मोबाइल ग्रुप में से पर्चे खूब बंट रहे हैं। इन्हें देख विस्थापित अपने परिचितों के लिए चिंतित हो रहे हैं। जोधपुर की झंवर रोड पर रहने वाले विस्थापित गुलजी ने बताया कि इस जलसे में तंडो गुलामअली, तंडो अलायार व मातली गांव के लोग इस्लाम कबूल कर रहे हैं। पाक के कई क्षेत्रों में आधी से ज्यादा हिंदू आबादी है। इसके बावजूद हालत बदतर है।

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