बहुचर्चित कपिल अग्रवाल हत्याकाण्ड में एक आरोपित गिरफ्तार

जालोर. जालोर के बहुचर्चित कपिल अग्रवाल हत्याकांड में पुलिस हत्याकांड में सहयोग देने वाले एक आरोपित को गिरफ्तार किया है।
जिला पुलिस अधीक्षक कल्याणमल मीना ने बताया कि 19 अगस्त को शाम करीब साढ़े तीन बजे पाड़ीव (सिरोही) निवासी ज्वैलर्स कपिल अग्रवाल (27) पुत्र जितेंद्र अग्रवाल की झरणेश्वर मंदिर रोड पर हत्या कर दी गई थी। वारदात के बाद आरोपित नरेश पुत्र धुखाराम माली व रमेशपुरी पुत्र अशोकपुरी गोस्वामी निवासी गोडीजी फरार हो गए थे। जिनकी पुलिस को अब तक तलाश है। जबकि वारदात में सहयोग करने वाले प्रकाश मीणा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
वारदात के लिए बाइक दी थी
पुलिस ने हत्याकांड में जालोर के लालपोल निवासी प्रकाश पुत्र रूपाराम मीणा को गिरफ्तार किया है। हत्याकांड से पहले प्रकाश को मुख्य आरोपित नरेश व रमेशपुरी के साथ देखा गया था। जिस पर पुलिस ने प्रकाश से गहनता से पूछताछ की। पूछताछ में उसने षड्यंत्र में शामिल होना स्वीकार किया है। पुलिस को दिए बयान में उसने बताया कि नरेश व रमेशपुरी दोनों उसके मित्र है। इन दोनों ने वारदात के दिन ही सुबह साढ़े नौ बजे उसे सिरे मन्दिर रोड पर बुलाया था। जहां दोनों ने बताया कि था कि आज कोई बड़ा हाथ मारना है, जिसमें उसकेे सहयोग की जरूरत है। इसके लिए उसकी मोटरसाइकिल देनी पड़ेगी। इसके लिए उसे भी हिस्सा देंगे। लालच में आकर ही उसने दोनों को अपनी मोटरसाइकिल दी थी।
वारदात के बाद बाइक लेने पहाड़पुरा गया
पुलिस पूछताछ में आरोपित प्रकाश ने बताया कि बाइक लेने के बाद दोनों ने उसे वहां से चले जाने के लिए कहा। इसके बाद वह अपने घर आ गया। शाम करीब पांच-छह बजे रमेशपुरी ने उसे फोन करके बताया कि काम हो गया है। उसे मोटरसाइकिल लेने पहाड़पुरा आना पड़ेगा। इसके बाद प्रकाश पहाड़पुरा गया और मोटरइसाइकिल लेकर आया। इधर, मोटरसाइकिल देने के बाद दोनों फरार हो गए। पुलिस ने वारदात के षड्यंत्र में शामिल होने पर प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया।
हत्या का मकसद लूट या कुछ और
पुलिस की ओर से हत्या के षड्यंत्र में शामिल प्रकाश की गिरफ्तारी के बाद प्रथम दृष्टया लूट के इरादे से हत्या करना प्रतीत हो रहा है। चूंकि परिजनों ने भी रिपोर्ट में कपिल के पास करीब 800 ग्राम सोना होने की रिपोर्ट में जानकारी दी थी। लेकिन कपिल के झरणेश्वर मंदिर रास्ते पर जाने की वजह अब तक स्पष्ट नहीं हो पा रही है। ऐसे मे मुख्य आरोपितों की गिरफ्तारी के बाद ही साफ हो पाएगा कि हत्या की वजह लूट थी या फिर कुछ और।
जेल में हुई दोस्ती, छूटते ही हत्याकांड
हत्या के मामले में नामजद दोनों आरोपित रमेश व नरेश की दोस्ती जेल में हुई थी। रमेश कुमार व नरेश कुमार वर्ष २०१५ में एक साथ जेल में रहे हैं। रमेश के खिलाफ वीराणा लूट प्रकरण जैसे मामले में भी लिप्तता रही है। वहीं उसके खिलाफ जेल तोडऩे के प्रयास का मामला भी दर्ज है। वहीं प्रकाश से इनकी दोस्ती भी जेल में होने की बात सामने आई है।
अग्रवाल समाज ने किया था प्रदर्शन
गौरतलब है कि हत्याकांड के बाद अग्रवाल समाज ने आरोपियों की गिरफ्तार को लेकर कचहरी परिसर में प्रदर्शन किया था। जिसमें जालोर व सिरोही जिले से बड़ी तादाद में अग्रवाल समाज के लोगों ने भाग लिया था। इस दौरान अग्रवाल समाज ने पुलिस व प्रशासन को ज्ञापन भी सौंपा था।

टीमें दे रही दबिश
फिलहाल, पुलिस मुख्य आरोपित नरेश व रमेशपुरी की तलाश के लिए जगह-जगह दबिश दे रही है। इसके लिए पुलिस निरीक्षक बाबूसिंह व उप निरीक्षक भीखाराम के नेतृत्व में दो अलग-अलग टीमें बनाई गई है। जो सम्भावित स्थानों पर दबिश दे रही है।

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