पाकिस्तान में 38 हिन्दू बच्चों का डॉक्टरी परीक्षा में चयन

राव गुमानसिंह @ अर्थ न्यूज नेटवर्क


रानीवाड़ा. अक्सर ऐसा माना जाता है कि पाकिस्तान में हिन्दुओं को मूलभूत अधिकारों से वंचित रखा जाता है। वहां हिन्दुओं को सरकारी नौकरियों एवं उच्च पदों से महरूम रखा जाता है। आम हिन्दुस्तानी ऐसी धारणा रखता है। वैसे पाकिस्तानी हिन्दुओं ने अपनी बेहतरीन तालीम की बदौलत पूरी दूनिया में डंका बजाया है। पाकिस्तान में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस पद तक हिन्दुओं की पहुंच रह चुकी है। ताजा खबरें भी चौंकाने वाली है। पाकिस्तान के सिंध सूबे में हाल ही में मेडिकल एंट्रेस एग्जाम की नतीजा आया है। नतीजों के अनुसार हिन्दू समुदाय के 38 बच्चों का डॉक्टरी परीक्षा में चयन हुआ है। जो एक अच्छा संकेत है। सिंध सूबे के जामशोरो जिला की लियाकत यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल एंड हैल्थ सांइन्सेस हर साल एमबीबीएस के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करती है। इस साल आयोजित परीक्षा में अप्रत्याशित 38 बच्चों ने प्री टेस्ट को पास कर बेहतरीन नमूना पेश किया है। पाकिस्तान हिन्दू कम्यूनिटी के लिए अच्छी खबर है। वैसे आपकी जानकारी के लिए बता देते हैं कि सिंध में 100 से ज्यादा हिन्दू कम्यूनिटी के एडवोकेट्स है। वरिष्ठ वकील और पाकिस्तान पीपुल पार्टी के नेता लाला लाजपत भील बताते हैं कि हिन्दुस्तान के बाखासर सीमावर्ती नगरपारकर जिला कोर्ट में 12 एडवोकेट भील जाति से ताल्लुकात रखते हैं। पाकिस्तान में हिन्दू कम्यूनिटी में ज्यादा भेदभाव नहीं है। लाला बताते हैं कि पाकिस्तान में हम लोग शान और सम्मान से जीते हैं। सिंध में हिन्दुओं के दीपावला, होली सहित कई त्योहार सरकारी स्तर पर हर्षोल्लास से मनाए जाते हैं।
आरक्षण का प्रावधान नहीं
इस साल हैदराबाद के पास जामशोरो शहर की लियाकत यूनिवर्सिटी ऑफ मेडिकल एंड हैल्थ सांइन्सेस के आयोजित एमबीबीएस एग्जाम एंट्रेस टेस्ट में हिन्दु कम्यूनिटी के 38 स्टूडेंटस का चयन हुआ है। गौरतलब है की पाकिस्तान में कोई आरक्षण का प्रावधान भी नहीं है। हिंदू स्टूडेंट्स ने अपनी बुद्धिमता का परिचय दिया है।

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