1,000 रु. का नया नोट आने की बात झूठी या सही… पढिय़े खबर

सरकार द्वारा 500 और 2000 के नये नोट की घोषणा के बाद लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है कि 1000 रुपए का नोट बंद करने के बाद सरकार इसकी जगह नया नोट निकालेगी या नहीं।

इसी बीच लोगों में यह काफी चर्चा का विषय भी बना हुआ है कि 1000 रुपए का नया नोट आएगा। तो हम आपको बताते है कि सरकार ने एक और बड़ा एलान किया गया है। आर्थिक मामलों के सचिव शक्तिकांत दास ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा है कि अगले कुछ महीनों में सरकार सभी प्रकार के नोटों को नए अवतार में लेकर आएगी।

आर्थिक सचिव शक्तिकांत दास ने कहा कि सभी करेंसी नोट्स को नए डिजाइन और सुरक्षा के साथ बाजार में दोबारा उतारा जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ये भी भरोसा दिलाया है कि सौ, पचास और दूसरे करेंसी नोट्स कानूनी तौर पर मान्य हैं। उन्होंने जानकारी देते हुए कहा कि समय समय पर नई सुविधाओं और डिजायन के साथ नोटों की खेंप बाजार में उतारी जाएगी। नए नोटों को बाजार में उतारने का फैसला अचानक नहीं लिया गया है इसकी प्रक्रिया कई महीनों से चल रही थी और इसमें आरबीआई के 2 से 3 अधिकारी ही शामिल थे।


नोट बंद करने के मामले में केंद्र भी पहुंचा सुप्रीम कोर्ट

500 और 1000 रुपए के नोट पर पाबंदी लगाने के विरोध में पीआईएल पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। इस सिलसिले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में कैविएट दायर कर कहा कि बिना केंद्र का पक्ष सुने बिना अदालत फैसला न सुनाए। अब इस मामले में अगली सुनवाई मंगलवार को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से कहा याचिका दायर करने की प्रक्रिया पूरी करें, बाद ही सुनवाई की जाएगी। इधर, मद्रास हाइकोर्ट ने नोट पर बैन के खिलाफ याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि ये देश के लिए बेहतर कदम है।

कांग्रेस ने साधा निशाना

गुलाम नबी आजाद ने कहा कि कांग्रेस काले धन के मुद्दे पर हमेशा लड़ाई लड़ती रही है। लेकिन मोदी सरकार ने जिस तरह से ऐलान किया वो किसी तानाशाही से कम नहीं है। सरकार के इस फैसले से शादी विवाह करने वाले लोगों के साथ-साथ किसानों पर असर पड़ेगा। पिछले दो साल से केंद्र सरकार तानाशाही अंदाज में काम कर रही है।

मायावती ने साधा निशाना

बसपा प्रमुख मायावती ने कहा कि ये एक अघोषित आर्थिक आपातकाल है। इस फैसले से साफ है कि मोदी सरकार की नीयत में खोट है। केंद्र सरकार ने सिर्फ उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर फैसला किया है।

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